नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान सोमवार को हालात तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पत्थरबाजी में 50 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान घायल हो गए। घायलों में आईपीएस और दानिप्स कैडर के करीब 10 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिंसा, पत्थरबाजी और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के मामले में कई अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा रही हैं।
वीडियो फुटेज से होगी उपद्रवियों की पहचान
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस ने पत्थरबाजी से जुड़े वीडियो भी जारी किए हैं। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभिजीत दीपके के आरोपों को पुलिस ने नकारा
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई के दौरान अभद्रता का आरोप लगाया है। उनके साथ मौजूद गीतांजलि जे. आगमो ने भी पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया है।
दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और प्रवक्ता राजीव रंजन ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें। उन्होंने दिल्ली में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की।
जंतर-मंतर पहुंचे विपक्षी नेता
प्रदर्शन के समर्थन में कई विपक्षी नेता जंतर-मंतर पहुंचे। इनमें सपा सांसद डिंपल यादव, आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद, आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी शामिल रहे। अभिनेत्री शबाना आजमी समेत कुछ फिल्मी हस्तियों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
इसी दौरान अभिजीत दीपके और आइसा से जुड़े छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी।
जेपी नड्डा से सीजेपी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। करीब 10 मिनट चली बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा।
सौरव दास ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि लंबे इंतजार के बाद केंद्रीय मंत्री से मुलाकात हुई और उन्होंने मांगों पर सरकार के भीतर चर्चा का आश्वासन दिया है।
वहीं जेपी नड्डा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार से बातचीत का प्रस्ताव आया था। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में चर्चा की और धरना समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग की अपील की।


