कानून-व्यवस्था और किसानों के मुद्दे पर करेगी घेराव
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार, 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। पांच दिवसीय यह सत्र 24 जुलाई 2026 तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार इस सत्र में समान नागरिक संहिता (UCC) समेत कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश करेगी। वहीं कांग्रेस कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्याओं और ओबीसी आरक्षण जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ सदन में उतरेगी।
यूसीसी समेत कई अहम विधेयक होंगे पेश
रविवार को जगदीशपुर में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक के मसौदे सहित कई महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दी गई। अब इन्हें विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा।
सरकार जिन प्रमुख विधेयकों को सदन में लाने की तैयारी में है, उनमें शामिल हैं—
- समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक
- निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक
- मध्य प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विधेयक
- राजमार्ग संशोधन विधेयक
- नागरिक सुरक्षा संहिता संशोधन विधेयक
- अन्य प्रशासनिक एवं विकास संबंधी विधेयक
कांग्रेस इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगी
विपक्ष ने मानसून सत्र के लिए अपनी रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस कानून-व्यवस्था की स्थिति, बढ़ते अपराध, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्याएं, फसल नुकसान, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण, बिजली आपूर्ति, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगी।
इसके अलावा केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और प्रभावित ग्रामीणों के कथित विस्थापन का मुद्दा भी विपक्ष प्रमुखता से उठाएगा।
वहीं सत्ता पक्ष ने अपने विधायकों को विपक्ष के सवालों का तथ्यों और आंकड़ों के साथ जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
सेंट्रल हॉल में लगे राष्ट्रीय नेताओं के चित्र
मानसून सत्र के दौरान विधानसभा के सेंट्रल हॉल में पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र भी दिखाई देंगे।
गौरतलब है कि दिसंबर 2023 में विधानसभा कक्ष के भीतर लगी जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर हटाकर उसकी जगह डॉ. भीमराव अंबेडकर का चित्र लगाया गया था। उस समय कांग्रेस ने इस फैसले का विरोध किया था।
हंगामेदार रहने के आसार
यूसीसी विधेयक सहित कई अहम प्रस्तावों और विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों को देखते हुए मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र हंगामेदार रहने की संभावना है। सरकार जहां अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास करेगा।


