नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। इस सत्र में केंद्र सरकार परिसीमन विधेयक, महिला आरक्षण कानून समेत कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश कर सकती है। सत्र शुरू होने से पहले राजनीतिक गलियारों में सबसे अधिक चर्चा परिसीमन बिल को लेकर है। सूत्रों के अनुसार, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने कुछ शर्तों के साथ इस विधेयक पर सरकार का समर्थन करने के संकेत दिए हैं। हालांकि पार्टी ने आधिकारिक तौर पर इस दावे की पुष्टि नहीं की है।
बताया जा रहा है कि DMK ने सभी राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या आनुपातिक आधार पर 50 प्रतिशत बढ़ाने की मांग रखी है। सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपना सकती है। यदि ऐसा होता है तो संसद में सरकार का संख्या बल और मजबूत हो सकता है।
हालांकि, DMK सांसद तिरुचि शिवा ने इन दावों से इनकार करते हुए कहा कि उनकी पार्टी दक्षिण भारत के राज्यों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी और परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार से अभी और स्पष्टता चाहती है।
दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंचने की कोशिश
लोकसभा में कुल 544 सदस्य हैं और किसी संवैधानिक संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा 363 सांसदों का है। राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, यदि कुछ क्षेत्रीय दलों का समर्थन सरकार को मिलता है तो NDA इस आंकड़े के काफी करीब पहुंच सकता है।
शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी के विभिन्न गुटों तथा DMK सहित कुछ दलों के संभावित समर्थन की चर्चाओं के बीच सरकार आवश्यक संख्या जुटाने की कोशिश में है। इसके अलावा वाईएसआर कांग्रेस और पूर्वोत्तर के कुछ दलों के साथ भी संपर्क बनाए जाने की बात सामने आ रही है।
मानसून सत्र में पेश होंगे पांच अहम विधेयक
इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक संसद में पेश कर सकती है, जिनमें प्रमुख हैं—
- आयकर (संशोधन) विधेयक – विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और सरकारी प्रतिभूति बाजार को मजबूत करने के लिए।
- सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक – सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने संबंधी प्रावधान।
- राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक – राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के अपमान से जुड़े प्रावधानों को और सख्त बनाने का प्रस्ताव।
- जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक – पंजीकरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए।
- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विकास संशोधन विधेयक – भुगतान विवादों के त्वरित समाधान के उद्देश्य से।
हंगामेदार रहने के आसार
मानसून सत्र में परिसीमन, महिला आरक्षण, राष्ट्रीय गौरव से जुड़े विधेयकों और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। सरकार जहां महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है।


