भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने NEET PG 2026 परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र चयन प्रक्रिया में बदलाव की मांग करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) द्वारा जारी अधिसूचना में अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के लिए पसंदीदा शहर के बजाय केवल तीन राज्यों का चयन करने का विकल्प दिया गया है, जिससे लाखों विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
दिग्विजय सिंह ने पत्र में कहा कि पिछले वर्षों में अभ्यर्थियों को अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा का शहर चुनने की सुविधा मिलती थी, लेकिन इस बार व्यवस्था बदलने से कई छात्रों को अपने निवास स्थान से सैकड़ों किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि दूरस्थ परीक्षा केंद्र मिलने की स्थिति में विद्यार्थियों पर यात्रा, आवास और अन्य खर्चों का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। साथ ही परीक्षा से पहले मानसिक तनाव भी बढ़ेगा। इसका सबसे अधिक असर आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों के अभ्यर्थियों पर पड़ेगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों की योग्यता का निष्पक्ष मूल्यांकन होना चाहिए, न कि प्रशासनिक व्यवस्था के कारण उन्हें आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों में डालना।
दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से आग्रह किया कि विद्यार्थियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए NBEMS को निर्देश दिए जाएं कि NEET PG 2026 में परीक्षा केंद्र चयन के दौरान राज्य के बजाय पसंदीदा शहर चुनने का विकल्प दोबारा उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि इससे लाखों अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी और वे बेहतर वातावरण में परीक्षा दे सकेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने NEET PG 2026 परीक्षा केंद्र चयन में राज्य के बजाय पसंदीदा शहर चुनने का विकल्प बहाल करने की मांग करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखा। उन्होंने छात्रों पर बढ़ने वाले आर्थिक और मानसिक बोझ का मुद्दा उठाया।



