पुरी। ओडिशा के पुरी में आयोजित विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान गुरुवार को एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना उस समय हुई जब पहांडी रस्म के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए रथों के करीब पहुंचने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे स्वयंसेवक लोगों को पीछे हटाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, जिससे कुछ लोग एक-दूसरे पर गिर गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सांस लेने में दिक्कत होने के कारण कई श्रद्धालुओं को तत्काल अस्पताल ले जाया गया।
12 लाख श्रद्धालु, बारिश भी नहीं रोक सकी आस्था
रथयात्रा शुरू होने के समय पुरी में तेज बारिश हो रही थी। इसके बावजूद प्रशासन के अनुसार करीब 12 लाख श्रद्धालु यात्रा मार्ग पर मौजूद रहे। भारी भीड़ के बीच सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे।
सरकार का दावा- भगदड़ नहीं हुई
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने बयान जारी कर कहा कि रथयात्रा का आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रहा। सरकार के मुताबिक किसी प्रकार की भगदड़ नहीं हुई। एक श्रद्धालु की मौत हुई है, लेकिन इसके कारणों की जांच की जा रही है।
पहले दिन यहीं रुकी रथयात्रा
शाम करीब 7:30 बजे भगवान जगन्नाथ का रथ आगे बढ़ा, लेकिन कुछ ही मीटर चलने के बाद पहले दिन की यात्रा रोक दी गई। अब रथयात्रा शुक्रवार सुबह 9:30 बजे दोबारा शुरू होगी और गुंडिचा मंदिर तक पहुंचेगी।
रथयात्रा में पहले भी हो चुके हैं हादसे
- 18 जुलाई 2015: नवकलेवर वर्ष में भारी भीड़ के कारण ग्रैंड रोड पर भगदड़ जैसी स्थिति बनी थी। दम घुटने से दो महिलाओं की मौत हुई थी, जबकि छह लोग घायल हुए थे।
- 29 जून 2025: गुंडिचा मंदिर के बाहर सरधाबली क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ अनियंत्रित हो गई थी। हादसे में तीन श्रद्धालुओं की मौत और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए थे और कई अधिकारियों पर कार्रवाई की गई थी।


