भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में मंगलवार को जिला अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई होगी। इस दौरान मामले के आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे, अधिवक्ता समर्थ सिंह, को न्यायिक हिरासत से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किए जाने की संभावना है। इस सुनवाई में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) दिल्ली AIIMS के मेडिकल बोर्ड द्वारा तैयार की गई दूसरी पोस्टमॉर्टम की अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट भी अदालत में पेश कर सकती है।
CBI ने 25 मई 2026 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश पर इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। तब से एजेंसी फॉरेंसिक साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
AIIMS की दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर सबकी नजर
जानकारी के अनुसार, दिल्ली AIIMS के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंप दी है। रिपोर्ट की एक प्रति मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी भेजी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमॉर्टम के साथ घटनास्थल से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्यों का भी परीक्षण किया है। हालांकि, रिपोर्ट के निष्कर्षों को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि यह रिपोर्ट जांच की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
60 दिन की जांच अवधि पूरी, चार्जशीट पर भी नजर
CBI की जांच शुरू हुए लगभग 60 दिन पूरे होने वाले हैं। ऐसे में एजेंसी तय कानूनी समय-सीमा के भीतर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर सकती है।
यदि निर्धारित अवधि में चार्जशीट दाखिल नहीं होती है, तो आरोपी पक्ष कानून के तहत डिफॉल्ट जमानत की मांग कर सकता है। यही वजह है कि मंगलवार की सुनवाई जांच और कानूनी प्रक्रिया, दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मॉडल त्विषा शर्मा मृत अवस्था में मिली थीं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया।
पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर सवाल उठने के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दिल्ली AIIMS के मेडिकल बोर्ड से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने का आदेश दिया था। मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमॉर्टम के साथ घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। अब इसी दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य माना जा रहा है और अदालत की सुनवाई में इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।


