16 जुलाई से फिर सक्रिय होगा नया सिस्टम
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियों में फिलहाल कमी देखने को मिल रही है। पिछले पांच दिनों से प्रदेश में कहीं भी तेज या भारी बारिश दर्ज नहीं हुई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि कई जिलों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी का दौर जारी रहेगा।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 16 जुलाई से प्रदेश में नया मौसम सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिसके प्रभाव से एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
22 जिलों में हल्की बारिश के आसार
सोमवार को प्रदेश के 22 जिलों में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।
वहीं प्रदेश के कई अन्य जिलों में मौसम सामान्य रहने और धूप निकलने की संभावना है।
मानसून क्यों पड़ा कमजोर?
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता फिलहाल कमजोर हो गई है। बारिश कराने वाली प्रमुख मौसम प्रणालियां कमजोर पड़ गई हैं या उनका प्रभाव प्रदेश से दूर चला गया है। इसके कारण अधिकांश क्षेत्रों में केवल बादल छाने और हल्की फुहारों की स्थिति बनी हुई है।
बंगाल की खाड़ी से मिलेगी मानसून को मजबूती
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 13 से 19 जुलाई के बीच उत्तर बंगाल की खाड़ी में नया ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। यदि यह सिस्टम निम्न दबाव क्षेत्र में बदलता है तो मध्य प्रदेश में फिर से भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
इसके अलावा प्रशांत महासागर में बन रहे नए सिस्टमों में से कोई सिस्टम बंगाल की खाड़ी तक पहुंचता है तो मानसून की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
प्रदेश में सामान्य से सिर्फ 1 प्रतिशत ज्यादा बारिश
मध्य प्रदेश में अब तक 241.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 239.8 मिमी है। यानी प्रदेश में अभी तक सामान्य से करीब 1 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।
हालांकि मानसून सीजन के कुल औसत के मुकाबले यह आंकड़ा अभी करीब 25 प्रतिशत ही है।
जुलाई से बढ़ी बारिश की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार जून में प्रदेश में बारिश कम रही, लेकिन जुलाई महीने में अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है। जुलाई में पूरे मानसून की लगभग एक तिहाई बारिश होती है।
भोपाल में सामान्य बारिश करीब 39 इंच है, जिसमें जुलाई महीने में लगभग 14 इंच बारिश होती है। वहीं जबलपुर में जुलाई के दौरान सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की जाती है।
मध्य प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा
प्रदेश में मानसून की औसत बारिश करीब 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सामान्य बारिश 38 से 39 इंच के बीच रहती है।


