डॉ. मोहन यादव कैबिनेट ने आईटी, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, सिंचाई और पुनर्वास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को दी मंजूरी
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और सिंचाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर से वर्चुअली शामिल हुए।
कैबिनेट ने प्रदेश में अधोसंरचना विकास और पुनर्वास कार्यों के लिए 2300 करोड़ रुपए करोड़ की मंजूरी दी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वर्ष 2030-31 तक बढ़ाने, सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सीधी भर्ती, स्टेट डाटा सेंटर के आधुनिकीकरण, नमो हरित नगर योजना और विज्ञान एवं डिजिटल परियोजनाओं सहित कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए अब विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती हर महीने विभागीय स्तर पर होगी। रिक्त पदों की सूची एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर जारी की जाएगी और चयनित डॉक्टरों को सीधे नियुक्ति दी जाएगी। नियुक्ति के बाद तीन वर्ष तक उनका तबादला नहीं होगा।
प्रदेश में डिजिटल सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए भोपाल स्थित स्टेट डाटा सेंटर के विस्तार और आधुनिकीकरण पर 800 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इससे ऑनलाइन सरकारी सेवाएं अधिक सुरक्षित, तेज और आधुनिक बनेंगी।
कैबिनेट ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की तीन परियोजनाओं के लिए 123 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इनमें उज्जैन में विज्ञान पार्क और तारामंडल की स्थापना, एकल नागरिक डेटाबेस तथा बायोटेक्नोलॉजी पार्क का विकास शामिल है।
पर्यावरण संरक्षण के तहत नमो हरित नगर योजना को मंजूरी देते हुए 100 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। अगले पांच वर्षों में प्रदेश के 65 नगरीय निकायों में नगर वन विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा पन्ना जिले की केन-बेतवा लिंक, रूंज और मझगांव सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए 202.50 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सहायता मंजूर की गई।
कैबिनेट ने आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स निवेश नीति-2023 में संशोधन, खाद्यान्न निस्तारण की नई नीति, लीगल एड डिफेंस काउंसिल योजना के लिए 42 करोड़ रुपए तथा स्वामित्व योजना के अंतर्गत स्टाम्प ड्यूटी में छूट जैसे महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए।
कैबिनेट के प्रमुख निर्णय
-मुख्यमंत्री स्कूटी योजना वर्ष 2031 तक जारी, 495 करोड़ रुपए स्वीकृत।
-सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की हर महीने सीधी भर्ती।
-स्टेट डाटा सेंटर के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 800 करोड़ रुपए।
-विज्ञान पार्क, एकल नागरिक डेटाबेस और बायोटेक पार्क के लिए 123 करोड़ रुपए।
-नमो हरित नगर योजना के तहत 65 शहरों में नगर वन, 100 करोड़ रुपए मंजूर।
-केन-बेतवा, रूंज और मझगांव परियोजनाओं के प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए 202.50 करोड़ रुपए।
-आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स निवेश नीति-2023 में संशोधन को मंजूरी।
-खाद्यान्न निस्तारण की नई नीति लागू करने का निर्णय।
-लीगल एड डिफेंस काउंसिल योजना के लिए 42करोड़ रुपए स्वीकृत।
-स्वामित्व योजना में स्टाम्प ड्यूटी और उपकर में छूट का फैसला।
-भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक-2026 को मंजूरी।


