भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। जुलाई की शुरुआत से लगातार हो रही बारिश ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों को तरबतर कर दिया है। पिछले छह दिनों से जारी तेज बारिश के चलते प्रदेश में अब तक औसतन 179.6 मिमी (करीब 7 इंच) वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। यह सामान्य औसत बारिश से केवल 1 प्रतिशत कम है, जबकि जून महीने के अंत तक यह आंकड़ा सामान्य से 33 प्रतिशत नीचे था।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पश्चिमी हिस्से भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में सबसे अधिक बारिश दर्ज की जा रही है। देवास सहित कई जिलों में सामान्य से कहीं अधिक वर्षा हुई है।
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5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 26 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार के लिए गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर और छतरपुर में अति भारी बारिश (Orange Alert) जारी किया है।
इसके अलावा ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, मैहर, दमोह, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, हरदा, आगर-मालवा, राजगढ़, झाबुआ, अलीराजपुर, धार और बड़वानी सहित 26 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रीवा, शहडोल, बालाघाट, मंडला, सिवनी, नरसिंहपुर, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, नीमच सहित कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
बालाघाट में नदी के तेज बहाव में बह गईं गाड़ियां
लगातार बारिश का सबसे भयावह असर बालाघाट जिले में देखने को मिला। किरनापुर-लांजी मार्ग पर बहने वाली बाघ नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से पुल निर्माण कार्य में लगी कार, जेसीबी और लोडर मशीनें तेज बहाव में बह गईं।
यह पुल महाराष्ट्र सीमा के पास प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 10.17 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। अचानक आई बाढ़ के कारण निर्माण स्थल पर खड़ी मशीनें नदी की चपेट में आ गईं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
डिंडौरी में कई गांवों का संपर्क टूटा
डिंडौरी जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण नर्मदा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। करंजिया ब्लॉक की तुड़ार नदी पर बनी पुलिया के ऊपर पानी बहने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है।
बारिश के कारण 11 मकानों में पानी घुस गया, जिससे लोगों के घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए रखी है।
कई जिलों में दर्ज हुई अच्छी बारिश
सोमवार को प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई।
श्योपुर में सबसे अधिक करीब 1.25 इंच बारिश हुई।
खजुराहो और मंडला में लगभग 1 इंच वर्षा दर्ज की गई।
दमोह और नौगांव में पौन इंच बारिश हुई।
छिंदवाड़ा, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया और रीवा में लगभग आधा इंच पानी बरसा।
जबलपुर, बैतूल, सागर, सतना, सीहोर, छतरपुर, नर्मदापुरम और खरगोन में भी अच्छी बारिश हुई।
बारिश से तापमान में आई गिरावट
लगातार वर्षा के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। बड़े शहरों में जबलपुर सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 31.3°C दर्ज किया गया। भोपाल में 33.4°C, इंदौर में 33.8°C, उज्जैन में 34°C और ग्वालियर में 36.7°C तापमान रिकॉर्ड हुआ।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से 20% अधिक बारिश
इस मानसून सीजन में प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में औसत से 20 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश अभी भी सामान्य से 22 प्रतिशत कम वर्षा वाले क्षेत्र में बना हुआ है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले चार दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा और कई जिलों में तेज बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के उफान और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के आसपास जाने से बचने, अनावश्यक यात्रा टालने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए प्रदेश में अगले कुछ दिन और भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।


