भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने मध्य प्रदेश भू-संपदा अपील अधिकरण (MP Real Estate Appellate Tribunal-REAT) का नया चेयरमैन हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी को नियुक्त किया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी किए। उनकी नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से पांच वर्ष अथवा 67 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो, तक प्रभावी रहेगी। नियमों के अनुसार, उन्हें चेयरमैन के रूप में दोबारा नियुक्ति की पात्रता नहीं होगी।
इससे पहले मध्य प्रदेश भू-संपदा अपीलीय अधिकरण के अध्यक्ष के रूप में न्यायमूर्ति वी.पी.एस. चौहान कार्यरत रहे हैं। जस्टिस द्विवेदी की नियुक्ति से रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े अपीलीय मामलों के त्वरित और प्रभावी निपटारे की उम्मीद जताई जा रही है।
रेरा नहीं, अपीलीय अधिकरण के अध्यक्ष
यह नियुक्ति रेरा (RERA) प्राधिकरण में नहीं, बल्कि उसके अपीलीय मंच यानी मध्य प्रदेश भू-संपदा अपील अधिकरण (REAT) के चेयरमैन के रूप में हुई है। रेरा प्राधिकरण और रिएट दोनों अलग-अलग संस्थाएं हैं और उनकी भूमिकाएं भी अलग हैं।
रेरा प्राधिकरण रियल एस्टेट परियोजनाओं के पंजीकरण, नियमन और शिकायतों का निस्तारण करता है, जबकि रिएट उन मामलों की सुनवाई करता है, जिनमें रेरा प्राधिकरण या न्याय निर्णायक अधिकारी के आदेशों के खिलाफ अपील दायर की जाती है।
रिएट में 60 दिन के भीतर की जा सकती है अपील
मप्र भू-संपदा अपीलीय अधिकरण रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के तहत गठित एक विशेष अपीलीय संस्था है। इसका मुख्यालय भोपाल में स्थित है। यह अधिकरण प्रदेश में रियल एस्टेट परियोजनाओं, बिल्डरों, प्रमोटरों और घर खरीदारों के बीच उत्पन्न विवादों से जुड़े मामलों में रेरा के आदेशों के खिलाफ अपीलों की सुनवाई करता है।
रेरा प्राधिकरण के आदेश की तारीख से 60 दिनों के भीतर अधिकरण में अपील दायर की जा सकती है। सुनवाई के बाद अधिकरण अपना निर्णय देता है। यदि कोई पक्ष अधिकरण के फैसले से भी असंतुष्ट हो, तो वह मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अपील कर सकता है।
जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की नियुक्ति को प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र की अपीलीय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे बिल्डरों और संपत्ति खरीदारों से जुड़े मामलों के समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण को गति मिलने की उम्मीद है।



