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    चुनावी प्रक्रिया पर विपक्ष का सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप का आग्रह, CJI को पत्र लिखकर निष्पक्ष चुनाव की उठाई मांग

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    नई दिल्ली। चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर विपक्षी दलों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को संयुक्त पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही और मतदाताओं का विश्वास बनाए रखने के लिए न्यायपालिका की सक्रिय भूमिका आवश्यक है।

    पत्र पर 24 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय सांसद के हस्ताक्षर हैं। इसमें विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर रोक लगाने और इसे अगले विधानसभा चुनावों से काफी पहले लागू करने का सुझाव दिया गया है। साथ ही निर्वाचन आयोग की भूमिका, केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग और जहां आवश्यक हो वहां मतपत्र (Ballot Paper) प्रणाली पर पुनर्विचार की मांग भी की गई है।

    पत्र में कहा गया है कि यदि संवैधानिक संस्थाएं अपने दायित्व निभाने में विफल रहती हैं तो लोकतंत्र कमजोर होता है और ऐसी स्थिति में न्यायपालिका लोकतंत्र की अंतिम उम्मीद होती है। विपक्षी नेताओं ने अदालत से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।

    कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पत्र साझा करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट की जिम्मेदारी है कि वह चुनावों की स्वतंत्रता और निष्पक्षता की रक्षा करे। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में चुनावी लोकतंत्र गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है।

    वेणुगोपाल ने बताया कि 28 जून को विपक्षी दलों ने सीजेआई को भेजे गए पत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया, निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा और संविधान की भावना को बनाए रखने में न्यायपालिका की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

    इस बीच, सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने भी एक्स पर कहा कि इंडिया गठबंधन की कई बैठकों के बाद यह पहला अवसर है, जब भाजपा विरोधी दलों ने किसी साझा पत्र पर एक साथ हस्ताक्षर किए हैं।

    विपक्षी नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य न्यायपालिका पर सवाल उठाना नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप का अनुरोध करना है।

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