More
    Homeनारदजी कहिननारदजी कहिन-नामचीन भाईसाब का ‘बालाघाट कनेक्शन’

    नारदजी कहिन-नामचीन भाईसाब का ‘बालाघाट कनेक्शन’

    Published on

    spot_img
     महेश दीक्षित

    मप्र भाजपा के एक नामचीन ‘भाईसाब’ का ‘बालाघाट कनेक्शन’ इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। कहते हैं कि जब तक भाईसाब संगठन के अहम पद पर विराजमान रहे, तब तक उनके ‘राग-रंग’ के किस्से भी पर्दे में रहे। लेकिन जैसे ही संगठन की कुर्सी हाथ से गई, उनके ‘बालाघाट अध्याय’ की चर्चाएं भी हवा में तैरने लगीं। आलम यह है कि पार्टी कार्यकर्ता अब खुलेआम ‘भाईसाब’ के राग-रंग के किस्से सुनाते नजर आते हैं। सबसे दिलचस्प टिप्पणी तो पार्टी के ही एक वरिष्ठ पदाधिकारी करते हैं कि ‘राजनीति में बहुत चेहरे देखे, लेकिन लंगोट का इतना कच्चा नेता पहली बार देखा।’ कुल मिलाकर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों ‘भाईसाब’ का ‘बालाघाट कनेक्शन’ तेजी से चर्चा का विषय बनता जा रहा है।

    राज्यपाल मंगूभाई पटेल को मिल सकता है सेवा विस्तार!

    मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल का वर्तमान कार्यकाल 7 जुलाई को समाप्त हो रहा है। इस बीच राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि उन्हें एक और कार्यकाल के लिए सेवा विस्तार दिया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, मंगूभाई पटेल को केंद्र नेतृत्व, विशेषकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विश्वसनीय माना जाता है। राज्यपाल के रूप में उनका कार्यकाल अपेक्षाकृत शांत, संतुलित और विवादों से मुक्त रहा है। संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करते हुए उन्होंने राज्य सरकार के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे, जिसे उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में गिना जा रहा है। इन्हीं कारणों से माना जा रहा है कि केंद्र सरकार उन्हें दोबारा राज्यपाल का दायित्व सौंपने पर विचार कर सकती है।

    खींचतान में अटकी भोपाल-इंदौर प्राधिकरण अध्यक्षों की नियुक्ति?

    भोपाल और इंदौर विकास प्राधिकरण (बीडीए-आईडीए) के अध्यक्षों की नियुक्ति एक बार फिर सुर्खियों में है। कहते हैं कि नाम लगभग तय हैं, बस आदेश जारी होने का इंतजार है। लेकिन सत्ता की राजनीति में कोई भी नाम तब तक अंतिम नहीं माना जाता, जब तक शीर्ष नेतृत्व की आखिरी मुहर न लग जाए। भोपाल में बीडीए की कुर्सी पर अपना भरोसेमंद बैठाने की कोशिशें जारी हैं, तो इंदौर में आईडीए की नियुक्ति ‘भिया’ की सहमति के बिना आगे बढ़ती नहीं दिख रही। कहा तो यही जा रहा है कि नियुक्तियां जल्द होंगी, लेकिन अंदरखाने कुर्सी की रस्साकशी अब भी जारी है। मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की हालिया बैठक के बाद उम्मीदें जरूर बढ़ी हैं, लेकिन राजनीतिक समीकरण अभी पूरी तरह नहीं सुलझे हैं। अब देखना यह है कि विकास प्राधिकरणों को जल्द नए अध्यक्ष मिलते हैं या फिर प्रभाव और वर्चस्व की राजनीति, विकास पर एक बार फिर भारी पड़ती है।

    दिग्गी राजा की ‘रिवर्स स्विंग’ से कांग्रेस क्लीन बोल्ड

    क्रिकेट में रिवर्स स्विंग बल्लेबाज को चकमा देती है, लेकिन मध्यप्रदेश की राजनीति में दिग्गी राजा की ‘रिवर्स स्विंग’ ने अपनी ही टीम को हैरान कर दिया। उज्जैन के भूमि आवंटन मामले में जब प्रदेश कांग्रेस सरकार को घेरने में जुटी थी, तभी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सरकार के बचाव में उतर आए। इसके बाद भाजपा को कुछ कहने की जरूरत ही नहीं पड़ी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच अब सवाल गूंज रहा है कि जब पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता ही अलग पिच पर खेलेंगे, तो 2028 की चुनावी लड़ाई कैसे लड़ी जाएगी? जनता आखिर किस बयान को कांग्रेस की आधिकारिक लाइन माने? राजनीति में विरोधियों से ज्यादा नुकसान तब होता है, जब अपने ही खिलाड़ी अनफोर्स्ड एरर करने लगें। खबर है कि दिग्गी के कथित बयान ने कांग्रेस हाईकमान का ध्यान खींचा है और प्रदेश संगठन के भीतर नए सिरे से मंथन शुरू हो गया है। अब निगाह इस बात पर है कि हाईकमान इसे सामान्य बयान मानकर नजरअंदाज करता है या फिर अनुशासन और नेतृत्व पर कोई स्पष्ट संदेश देता है। नारदजी कहते हैं कि विपक्ष की लड़ाई सत्ता से होती है, अपने ही साथियों से नहीं। लेकिन जब बल्लेबाज अपने ही गेंदबाज की गेंद पर आउट होने लगे, तो स्कोरबोर्ड पर रन नहीं, सिर्फ सवाल बढ़ते हैं।

    साहब को गिफ्ट में मिली ‘काली फॉर्च्यूनर’!

    2012 बैच के एक आईएएस अधिकारी की ‘ईमानदारी’ इन दिनों मंत्रालय के गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। फिलहाल राजधानी में सडक़ से जुड़े एक विभाग में सीईओ के पद पर पदस्थ यह अधिकारी इससे पहले जबलपुर संभाग के एक आदिवासी जिले में कलेक्टर रह चुके हैं। मंत्रालय में चर्चा है कि कलेक्टर रहते हुए सरकारी जमीन पर कथित कब्जा दिलाने में ‘ईमानदारी’ से सहयोग करने के एवज में एक भू-माफिया ने उन्हें इनाम स्वरूप काले रंग की फॉर्च्यूनर भेंट की थी। गजब यह है कि साहब आज भी राजधानी की सडक़ों पर उसी कथित ‘इनाम’ में मिली काली फॉर्च्यूनर से फर्राटा भरते नजर आते हैं। मजेदार बात तो यह है कि साहब हर मंच पर ईमानदारी, पारदर्शिता और सुशासन की लंबी-चौड़ी बातें करते हैं, जबकि मंत्रालय के गलियारों में उनकी ‘काली फॉर्च्यूनर’ की कहानी अलग ही दास्तां बयां करती है। कहते हैं, राजनीति और नौकरशाही में कुछ किस्से कभी फाइलों में नहीं मिलते, लेकिन गलियारों में लंबे समय तक गूंजते जरूर रहते हैं।

    #MadhyaPradeshPolitics #MPBJP #MPCongress #MPBureaucracy #PoliticalGossip

    Latest articles

    MP में 4 IAS अधिकारियों की नई पदस्थापना, रीवा में दो अपर आयुक्त राजस्व

    भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने शुक्रवार को चार आईएएस अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश...

    MP BJP Seva Sankalp Abhiyan: 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान, 71 हजार बूथों पर दीपोत्सव और 97 हजार आंगनवाड़ियों में होंगे कार्यक्रम

    भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाएगी। अभियान...

    Mirzapur The Movie Box Office: पहले हफ्ते में 152.55 करोड़ की कमाई, 2026 की तीसरी 150 करोड़ क्लब वाली हिंदी फिल्म

    मुंबई। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखते हुए...

    MP News: भोपाल के विकास चौधरी का दिल इराकी मरीज के सीने में धड़का, अंगदान से 4 लोगों को मिला नया जीवन

    भोपाल। राजधानी भोपाल के 53 वर्षीय व्यवसायी विकास चौधरी के निधन के बाद उनके...

    More like this

    MP में 4 IAS अधिकारियों की नई पदस्थापना, रीवा में दो अपर आयुक्त राजस्व

    भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने शुक्रवार को चार आईएएस अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश...

    MP BJP Seva Sankalp Abhiyan: 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान, 71 हजार बूथों पर दीपोत्सव और 97 हजार आंगनवाड़ियों में होंगे कार्यक्रम

    भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाएगी। अभियान...

    Mirzapur The Movie Box Office: पहले हफ्ते में 152.55 करोड़ की कमाई, 2026 की तीसरी 150 करोड़ क्लब वाली हिंदी फिल्म

    मुंबई। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखते हुए...