भोपाल। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो देशभर में व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, धर्म एवं मंदिर पुजारी प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष साध्वी ऋचा गोस्वामी, प्रदेश संयोजक शिवनारायण शर्मा, सहसंयोजक ओंकारदास वैष्णव और कार्यकारी अध्यक्ष सुधीर भारती सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
कांग्रेस के मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा कि राम मंदिर परिसर में लगे सुरक्षा कैमरों के बंद रहने और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर समय-समय पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने मंदिर निर्माण के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा दान में दी गई सोने-चांदी की राम शिलाओं के उपयोग और उनकी पारदर्शिता पर भी प्रश्न उठाए। उनका कहना था कि करोड़ों श्रद्धालुओं को यह जानने का अधिकार है कि मंदिर निर्माण और संचालन के लिए प्राप्त दान एवं संसाधनों का उपयोग किस प्रकार किया गया।
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा और उससे जुड़े ट्रस्टों ने धर्म और आस्था को राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाया है। उन्होंने कहा कि मंदिरों से जुड़े वित्तीय मामलों और भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
साध्वी ऋचा गोस्वामी ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटनाएं करोड़ों रामभक्तों की आस्था को आहत करती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि 300 से अधिक CCTV कैमरों और 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद ऐसी घटनाएं कैसे हुईं। उन्होंने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की कमी बताते हुए संत समाज और धर्माचार्यों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की मांग की।
पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन, भूमि खरीद प्रकरण, प्रसाद वितरण में कथित अनियमितताओं, कारसेवकों के पुनर्वास, अयोध्या कॉरिडोर से प्रभावित लोगों के मुआवजे और VIP दर्शन व्यवस्था सहित कई मुद्दों पर सवाल उठाए।
कांग्रेस ने मांग की कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग कर संत समाज, अखाड़ों और धर्माचार्यों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाए। साथ ही मंदिर की आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक करने, नियमित ऑडिट रिपोर्ट जारी करने, VIP दर्शन व्यवस्था समाप्त करने और श्रद्धालुओं से लिए जाने वाले शुल्क को बंद करने की मांग भी की गई।
प्रदेश कांग्रेस धर्म एवं मंदिर पुजारी प्रकोष्ठ के कार्यकारी अध्यक्ष सुधीर भारती ने कहा कि यदि सात दिनों के भीतर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई और मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संत समाज, धर्माचार्यों और रामभक्तों के साथ देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।


