भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Dr. Mohan Yadav) और उनके परिवार से जुड़े कथित भूमि सौदों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के साथ उन्होंने उज्जैन में बड़े पैमाने पर हुई भूमि खरीद-फरोख्त को लेकर कई सवाल उठाए।
पटवारी ने कहा कि सार्वजनिक दस्तावेजों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मुख्यमंत्री के परिवार, रिश्तेदारों और उनसे जुड़ी कंपनियों के नाम पर उज्जैन एवं आसपास के क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में भूमि दर्ज होने के दावे सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इन दावों की सच्चाई सामने लाने के लिए पूरे मामले की पारदर्शी जांच आवश्यक है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में सड़क, बायपास, कॉरिडोर और अन्य विकास परियोजनाओं की घोषणाएं हुईं, उन्हीं इलाकों के आसपास भूमि खरीद की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में जनता के मन में स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठ रहा है कि क्या विकास योजनाओं की पूर्व जानकारी का किसी प्रकार से लाभ उठाया गया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (Umang Singar) ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार वर्ष 2021 से 2025 के बीच उज्जैन में बड़े पैमाने पर भूमि खरीदी गई है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री, उनके परिजनों और उनसे जुड़ी कुछ कंपनियों के नाम इन दस्तावेजों में दर्ज बताए जा रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि पूरे भूमि प्रकरण की न्यायिक निगरानी में जांच कराई जाए, भूमि खरीद से संबंधित सभी जानकारियां सार्वजनिक की जाएं और विकास परियोजनाओं तथा भूमि सौदों के बीच संभावित संबंधों की भी जांच हो।
पटवारी ने कहा कि सिंहस्थ-2028 से पहले उज्जैन में हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। ऐसे समय में भूमि खरीद से जुड़े मामलों पर पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को स्वयं सामने आकर पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश की जनता इस मामले में जवाब चाहती है और पार्टी तथ्यों के आधार पर इस मुद्दे को उठाती रहेगी।


