मुंबई। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) इस सप्ताह निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है। पिछले वर्ष अंबानी ने जून 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स को शेयर बाजार में सूचीबद्ध (IPO) करने का संकेत दिया था। अब निवेशकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या रिलायंस अपने इस बड़े वादे को पूरा कर पाएगी।
जियो आईपीओ को भारत के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में से एक माना जा रहा है। यदि कंपनी अपने अनुमानित 4 अरब डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचती है, तो यह भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक ऐतिहासिक घटना होगी।
हालांकि, हाल के महीनों में जियो आईपीओ को लेकर कंपनी के भीतर रणनीतिक चर्चाएं, वैश्विक बाजारों में अस्थिरता, ईरान युद्ध से बढ़ी भू-राजनीतिक चिंताएं और विदेशी निवेशकों की रिकॉर्ड बिकवाली जैसी चुनौतियां सामने आई हैं। ऐसे में शुक्रवार को होने वाली AGM में मुकेश अंबानी का संबोधन निवेशकों के लिए कई महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जियो आईपीओ की समयसीमा, कंपनी का वैल्यूएशन और भविष्य की रणनीति AGM के प्रमुख आकर्षण रहेंगे। यही वजह है कि निवेशक और विश्लेषक अंबानी के हर बयान पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।


