नई दिल्ली। 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों के लिए संपन्न चुनाव प्रक्रिया में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 19 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, इंडिया ब्लॉक को 6 सीटें मिलीं, जबकि मिजोरम की एक सीट क्षेत्रीय दल जोराम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) के खाते में गई।
इस चुनाव में कुल 23 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए, जबकि झारखंड और मिजोरम की तीन सीटों पर मतदान कराया गया। झारखंड में हुई क्रॉस वोटिंग ने कांग्रेस की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार एवं उद्योगपति परिमल नाथवानी ने जीत हासिल कर ली।
झारखंड में क्रॉस वोटिंग ने बदला चुनावी समीकरण
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर मुकाबला दिलचस्प रहा। एक सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने जीत दर्ज की, जबकि दूसरी सीट पर NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को हराया।
राज्य की 81 सदस्यीय विधानसभा में राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए 28 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता थी। मौजूदा विधानसभा गणित के अनुसार NDA के पास 24 विधायक, JMM-कांग्रेस गठबंधन के पास 56 विधायक और JKLM का एक विधायक था।
बैद्यनाथ राम को 31 वोट मिले, जिससे उनकी जीत सुनिश्चित हो गई। दूसरी सीट पर परिमल नाथवानी को 30 वोट प्राप्त हुए, जिनमें से 2 वोट अवैध घोषित किए गए। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 20 वोट मिले, जिनमें से 1 वोट अवैध रहा।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार नाथवानी को NDA के 24 वोटों के अलावा क्रॉस वोटिंग के जरिए अतिरिक्त समर्थन मिला, जिसने उनकी जीत का रास्ता आसान कर दिया। कांग्रेस ने इस हार के लिए आरजेडी और वामदलों पर पर्याप्त सहयोग न देने का आरोप लगाया है।
मिजोरम में ZPM उम्मीदवार की जीत
मिजोरम की एकमात्र राज्यसभा सीट पर जोराम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) के उम्मीदवार के. लल्टलुआंगकिमा ने जीत दर्ज की। यह परिणाम राज्य में ZPM की मजबूत राजनीतिक पकड़ को दर्शाता है।
23 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए
राज्यसभा चुनाव के तहत 10 राज्यों की 24 सीटों पर चुनाव होना था, जिनमें से 21 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए। इसके अलावा महाराष्ट्र और तमिलनाडु की एक-एक सीट पर हुए उपचुनाव में भी प्रत्याशी बिना मुकाबले के चुने गए।
इस तरह कुल 26 सीटों में से NDA को 19, इंडिया ब्लॉक को 6 और ZPM को 1 सीट मिली। चुनाव परिणामों ने एक बार फिर राज्यसभा में NDA की स्थिति को और मजबूत कर दिया है।


