भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। शुक्रवार को राज्य के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। हालांकि खराब मौसम के बीच आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया। राजगढ़ जिले में बिजली गिरने से काका-भतीजे की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई क्षेत्रों में किसानों को फसलों के नुकसान का सामना करना पड़ा है।
राजगढ़ जिले के पचोर क्षेत्र के गुलखेड़ी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से विष्णु प्रसाद भिलाला (45) और उनके भतीजे रामदयाल भिलाला (25) की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।
मौसम विभाग के अनुसार, बारिश के कारण प्रदेश के कई शहरों में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। सिवनी में सबसे कम 34.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा धार में 34.5 डिग्री, पचमढ़ी में 34.8 डिग्री और शिवपुरी में 35.2 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। वहीं खजुराहो 42.4 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा।
इधर, बारिश की कमी से परेशान किसानों का गुस्सा भी सामने आया। खरगोन जिले में नहर से पानी छोड़ने की मांग को लेकर 200 से अधिक किसानों ने खंडवा-बड़ौदा हाईवे पर बैलगाड़ियां खड़ी कर करीब तीन घंटे तक चक्काजाम किया। किसानों का कहना था कि पर्याप्त बारिश नहीं होने से वेदा, कुंदा और खारक नदियां सूख चुकी हैं, जिससे फसलें संकट में आ गई हैं। बाद में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) के अधिकारियों द्वारा हर छह दिन में नहर से पानी छोड़ने का आश्वासन दिए जाने पर आंदोलन समाप्त हुआ।
बड़वानी जिले के खड़की गांव में तेज आंधी और बारिश ने दो किसान भाइयों की केले की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। करीब 9 एकड़ में तैयार खड़ी फसल जमीन पर गिर गई। किसानों के अनुसार, फसल में लगभग 14 लाख रुपये की लागत लगी थी और उन्हें करीब 36 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। नुकसान से आहत एक किसान की तबीयत भी बिगड़ गई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को जल्दबाजी में खरीफ फसलों की बुवाई नहीं करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि सोयाबीन, उड़द, मूंग और तुअर जैसी फसलों की बुवाई के लिए खेतों में पर्याप्त नमी जरूरी है और कम से कम 100 मिमी बारिश के बाद ही बोवनी करना बेहतर रहेगा।
मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रायसेन, विदिशा, सागर, छिंदवाड़ा और सिवनी समेत 39 जिलों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी मध्य प्रदेश में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रह सकता है।


