हरदा। पटाखों के सुरक्षित भंडारण और बिक्री में लापरवाही पर हरदा जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। गुरुवार सुबह जिला प्रशासन की टीम ने रहटा खुर्द स्थित एमएच फायर वर्क्स और बाबा फायर वर्क्स को अनियमितताएं मिलने पर सील कर दिया। वहीं, टिमरनी तहसील में दो अलग-अलग रिहाइशी स्थानों से करीब चार लाख रुपये के पटाखे जब्त किए गए हैं। जिले में रहवासी क्षेत्रों में पटाखों के भंडारण को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
फायर सेफ्टी में कमियां, दो प्रतिष्ठान सील
प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने निरीक्षण के दौरान पटाखा प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों और जरूरी व्यवस्थाओं की जांच की। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले। बिजली के मीटर परिसर के अंदर पाए गए और बिजली के तार खुले हुए थे। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग का बैकअप उपलब्ध नहीं था। प्रतिष्ठानों के पीछे पालतू पशुओं का बाड़ा भी मिला।
इन कमियों को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने एमएच फायर वर्क्स और बाबा फायर वर्क्स को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान हरदा एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया, एसडीओपी शालिनी परस्ते सहित पुलिस, राजस्व, वाणिज्यिक कर और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया ने बताया कि प्रतिष्ठान संचालकों से एक दिन पहले भी दस्तावेज मांगे गए थे। निरीक्षण में सुरक्षा संबंधी कमियां मिलने पर दोनों प्रतिष्ठानों को सील किया गया है। कार्रवाई का प्रतिवेदन कलेक्टर को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
टिमरनी में दो जगह से चार लाख के पटाखे जब्त
जिले में इससे पहले भी रहवासी क्षेत्रों में पटाखों के बड़े भंडार मिलने पर कार्रवाई की गई थी। हरदा की सिंधी कॉलोनी और ग्राम रन्हाई से पटाखों का स्टॉक जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, इन मामलों में जब्त सामग्री का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध नहीं हो सका है।
वहीं, टिमरनी तहसील में एसडीएम असवनराम चिरावन के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान दो अलग-अलग रिहाइशी स्थानों से करीब दो-दो लाख रुपये के पटाखे जब्त किए गए। प्रशासन अवैध भंडारण और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामलों में जांच कर रहा है।
पटाखा फैक्टरी हादसे के बाद सुरक्षा पर सवाल
हरदा जिले में पटाखों के भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा 6 फरवरी 2024 को बैरागढ़ में हुई पटाखा फैक्टरी की भीषण विस्फोट की घटना के बाद से लगातार संवेदनशील बना हुआ है। इस हादसे में करीब एक दर्जन लोगों की मौत हुई थी, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए या प्रभावित होकर बेघर हुए थे।
हादसे के दो वर्ष बाद भी पीड़ित मुआवजे और इलाज से जुड़ी समस्याओं को लेकर परेशान हैं। मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान नवागत कलेक्टर कुमार सत्यम ने हादसे से प्रभावित लोगों से मुलाकात की। इस दौरान पीड़ितों ने अपनी समस्याएं उनके सामने रखीं।


