नागोया । जापान के नागोया में चल रहे पैरा एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने बुधवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण सहित कुल नौ पदक अपने नाम किए। शॉटपुट में आयुष वर्मा और सचिन खिलारी ने गोल्ड मेडल जीते, जबकि हाई जंप में प्रवीण कुमार ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। इसके अलावा भारतीय खिलाड़ियों ने तीन रजत और तीन कांस्य पदक भी जीते।
इस प्रदर्शन के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 44 हो गई है। भारतीय दल अब तक 12 स्वर्ण, 14 रजत और 18 कांस्य पदक जीत चुका है। पदक तालिका में भारत पांचवें स्थान पर है।
आयुष वर्मा ने शॉटपुट में जीता स्वर्ण
पुरुषों की शॉटपुट एफ53 स्पर्धा में आयुष वर्मा ने 8.16 मीटर का थ्रो करके स्वर्ण पदक जीता। यह मौजूदा खेलों में उनका दूसरा पदक है। इससे पहले वह कांस्य पदक भी जीत चुके हैं।
ईरान के अलीरेजा हेमामी ने 8.09 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि कजाकिस्तान के मखाम्बेट सेरिक्कलीयेव 6.81 मीटर के थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
एफ53 वर्ग में ऐसे खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, जिनकी शारीरिक दिव्यांगता के कारण धड़ और पैरों की गतिविधियां प्रभावित होती हैं। इस वर्ग में खिलाड़ी बैठकर थ्रो करते हैं।
प्रवीण कुमार ने रिकॉर्ड के साथ जीता गोल्ड
पुरुषों की हाई जंप टी64 स्पर्धा में प्रवीण कुमार ने 2.05 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस दौरान उन्होंने 2.02 मीटर के पिछले गेम्स रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया रिकॉर्ड बनाया।
भारत के बंटी ने 1.92 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक जीता। यह उनकी व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ छलांग रही।
टी64 वर्ग में निचले अंगों में दिव्यांगता वाले ऐसे खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, जो सामान्यतः कृत्रिम अंगों की मदद से ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में भाग लेते हैं।
सचिन खिलारी ने शॉटपुट में बरकरार रखा खिताब
पुरुषों की शॉटपुट एफ46 स्पर्धा में सचिन खिलारी ने स्वर्ण पदक जीतकर अपना खिताब बरकरार रखा। इस स्पर्धा में भारत का दबदबा देखने को मिला। मोहम्मद यासेर ने रजत और परवीन ने कांस्य पदक जीतकर भारत की झोली में तीनों पदक डाल दिए।
शीतल देवी और पायल नाग ने जीता रजत
तीरंदाजी में भारत की शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी ने महिला पैरा कंपाउंड डबल्स स्पर्धा में रजत पदक जीता। स्वर्ण पदक के मुकाबले में भारतीय जोड़ी को चीन की जोड़ी के खिलाफ 141-150 से हार का सामना करना पड़ा।
भारतीय खिलाड़ियों ने मुकाबले में अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन चीनी जोड़ी की बढ़त को पार नहीं कर सकीं। इसके बावजूद शीतल देवी और पायल नाग ने रजत पदक जीतकर भारत के पदकों की संख्या बढ़ाई।


