भोपाल। लघु उद्योग भारती मध्यप्रदेश और मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT), भोपाल के बीच शुक्रवार को महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौते को मध्यप्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को आधुनिक तकनीक, शोध और नवाचार से जोड़ने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।
लघु उद्योग भारती के प्रदेश महामंत्री अरुण सोनी ने बताया कि संगठन अकादमिक और औद्योगिक जगत के बीच सेतु की भूमिका निभा रहा है। इसी उद्देश्य से MANIT भोपाल के साथ यह समझौता किया गया है। उन्होंने कहा कि यह पहल लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी अंगीकरण कार्यक्रम (NTAP) के तहत अकादमिक स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
तकनीक और रिसर्च के क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग
MoU के तहत शैक्षणिक संस्थानों और MSME क्षेत्र के बीच सहयोग को मजबूत किया जाएगा। इसमें तकनीक विकास एवं हस्तांतरण, संयुक्त अनुसंधान एवं विकास (R&D), स्टार्टअप और उद्यमिता विकास जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप और औद्योगिक प्रशिक्षण, MSME कंसल्टेंसी एवं क्षमता निर्माण, Industry 4.0, Digital Transformation और Skill Development जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा।
विद्यार्थियों को मिलेगा औद्योगिक अनुभव
इस समझौते से विद्यार्थियों और शिक्षकों को वास्तविक औद्योगिक समस्याओं पर काम करने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें उद्योग जगत की व्यावहारिक जरूरतों और तकनीकी चुनौतियों को समझने में मदद मिलेगी।
वहीं, MSMEs को MANIT के विद्यार्थियों, विशेषज्ञों और शोध विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा। इससे उद्योगों में तकनीकी उन्नयन, नवाचार और नई तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
MoU कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
MoU हस्ताक्षर कार्यक्रम में MANIT भोपाल की ओर से संस्थानिक विकास एवं अंतरराष्ट्रीय संबंधों के अधिष्ठाता डॉ. अनुपमा शर्मा, डॉ. अमित भगत और डॉ. मनीष विश्वकर्मा मौजूद रहे।
लघु उद्योग भारती मध्यप्रदेश की ओर से पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता, अरविंद काले, विनोद नायर, नितिन कामऋषि, रश्मि गुर्जर, मितेश लोकवानी, शुभा कामऋषि और शेखर दुधांडे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
यह MoU मध्यप्रदेश के MSME क्षेत्र में तकनीकी सहयोग, अनुसंधान, कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


