तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी । अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनावपूर्ण संबंधों के बीच एक बार फिर बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। कतर की राजधानी दोहा में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल पहुंच रहे हैं, लेकिन ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की सीधी बातचीत नहीं करेगा।
ईरान का कहना है कि उसकी प्राथमिकता फिलहाल विदेशों में फंसी हुई अरबों डॉलर की संपत्ति को वापस प्राप्त करना है।
फोकस: 6 अरब डॉलर की फ्रीज्ड संपत्ति
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि जब तक विदेशों में फंसी ईरानी संपत्ति जारी नहीं की जाती, तब तक किसी भी बड़े शांति या परमाणु समझौते पर आगे बातचीत संभव नहीं है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान करीब 12 अरब डॉलर की फ्रीज्ड राशि में से लगभग 6 अरब डॉलर की तत्काल रिलीज की मांग कर रहा है।
दोहा में अप्रत्यक्ष वार्ता
दोहा में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि मौजूद हैं, लेकिन दोनों पक्ष एक-दूसरे के आमने-सामने नहीं बैठेंगे। बातचीत केवल मध्यस्थ देशों के जरिए आगे बढ़ाई जा रही है।
अमेरिकी पक्ष की ओर से विशेष दूत और वरिष्ठ अधिकारी भी वहां मौजूद हैं, लेकिन संवाद का स्वरूप पूरी तरह अप्रत्यक्ष रखा गया है।
होर्मुज स्ट्रेट में तनाव
इस घटनाक्रम के बीच रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। समुद्री रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
17 जून समझौते की स्थिति
17 जून को दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम समझौते में ईरान द्वारा यूरेनियम संवर्धन कम करने और अमेरिका द्वारा कुछ प्रतिबंधों में राहत देने की बात कही गई थी।
हालांकि मौजूदा हालात में यह समझौता वित्तीय विवादों और अविश्वास के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
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