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    MP में आदिवासी जमीन बिक्री पर गरमाई राजनीति: जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति से की जांच की मांग

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    भाजपा नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप

    भोपाल। मध्य प्रदेश में आदिवासियों की जमीनों की बिक्री को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया है कि पिछले सात से आठ वर्षों में राज्य में करीब तीन लाख एकड़ आदिवासी भूमि की बिक्री हुई है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हस्तक्षेप करने की अपील की है।

    भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार निवास करते हैं और कानून के अनुसार आदिवासियों की जमीन सामान्य वर्ग के लोग सीधे नहीं खरीद सकते। इसके लिए शासन स्तर पर विशेष अनुमति आवश्यक होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा में पूछे गए प्रश्नों के जवाब से यह तथ्य सामने आया है कि हाल के वर्षों में लगभग 1 लाख 26 हजार हेक्टेयर (करीब तीन लाख एकड़) आदिवासी भूमि का हस्तांतरण हुआ है।

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इन जमीनों की खरीद-फरोख्त में भाजपा से जुड़े नेताओं, प्रभावशाली लोगों और कुछ कंपनियों की भूमिका रही है। उनके अनुसार कई कंपनियों में भाजपा नेताओं की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भागीदारी सामने आई है। पटवारी ने कहा कि इन भूमि हस्तांतरणों की अनुमति पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल में दी गई, इसलिए पूरे मामले की पारदर्शी जांच आवश्यक है।

    उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार इस विषय पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राज्यपाल और राष्ट्रपति को सौंपे तथा जनता के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे। पटवारी ने कहा कि यदि वर्ष 2028 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो आदिवासी भूमि से जुड़े सभी मामलों की समीक्षा कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन आदिवासियों की जमीन कथित रूप से गलत तरीके से हस्तांतरित हुई है, उन्हें न्याय दिलाने और जमीन वापस दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

    इस दौरान पटवारी ने आदिवासी पहचान के मुद्दे पर भी भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को निशाने पर लिया। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आदिवासियों को ‘वनवासी’ कहे जाने पर जताई गई आपत्ति का समर्थन करते हुए कहा कि सभी आदिवासियों को वनवासी कहना उचित नहीं है।

    वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के वायरल वीडियो को लेकर पूछे गए सवाल पर पटवारी ने कहा कि उनका और दिग्विजय सिंह का संबंध पिता-पुत्र जैसा है। उन्होंने वायरल वीडियो को भाजपा की साजिश और संपादित (मैनिपुलेटेड) सामग्री बताते हुए खारिज किया तथा कहा कि कांग्रेस की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता से विपक्ष परेशान है।

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