21 स्वर्ण समेत 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत ; 2030 में दोहा करेगा एशियाई खेलों की मेजबानी
आइची-नागोया। Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 का रविवार को जापान के आइची-नागोया में समापन हो गया। भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य सहित कुल 85 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। अंतिम दो दिनों में भारतीय खिलाड़ियों ने 11 स्वर्ण पदक जीते और अभियान को शानदार अंदाज में समाप्त किया। कुल पदकों के लिहाज से यह एशियाई खेलों में भारत का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
आखिरी दो दिनों में भारत की जोरदार वापसी
एशियन गेम्स में भारत की शुरुआत अपेक्षाकृत धीमी रही। गुरुवार तक भारत के खाते में केवल 10 स्वर्ण पदक थे और वह पदक तालिका में शीर्ष-10 से बाहर था। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतिम दो दिनों में 11 स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
हॉकी और क्रिकेट में स्वर्ण पदक के अलावा भारत ने तीरंदाजी, मुक्केबाजी और कुश्ती में भी पदक हासिल किए। पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल में मलयेशिया को 5-1 से हराकर भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या 21 तक पहुंचाई।
हांगझोउ के बाद भारत का दूसरा बड़ा पदक अभियान
2022 के हांगझोउ एशियन गेम्स में भारत ने रिकॉर्ड 106 पदक जीते थे। इनमें 28 स्वर्ण पदक शामिल थे। आइची-नागोया में भारत 85 पदकों के साथ उस रिकॉर्ड से पीछे रहा, लेकिन कुल पदकों के लिहाज से यह देश का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
भारत ने इस बार 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक जीते। हांगझोउ की तुलना में स्वर्ण पदकों की संख्या सात कम रही, जबकि कुल पदकों में 21 की कमी आई।
नीरू ढांडा ने थामा तिरंगा
समापन समारोह में निशानेबाज नीरू ढांडा भारतीय दल की महिला ध्वजवाहक बनीं। उन्होंने निशानेबाजी में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में नीरू ने किनान चेनाई के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया।
प्रतियोगिता के दौरान स्वदेश लौट चुकीं नीरू समापन समारोह में शामिल होने के लिए शनिवार सुबह नागोया पहुंचीं। उन्होंने तिरंगा लेकर भारतीय दल का नेतृत्व किया।
अब 2030 में दोहा में होगा एशियन गेम्स
आइची-नागोया में एशियन गेम्स के समापन के साथ ही अगले आयोजन की मेजबानी दोहा को सौंप दी गई। 2030 के एशियाई खेल कतर की राजधानी दोहा में आयोजित होंगे। समापन समारोह में कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी को एशियाई खेलों का ध्वज और मशाल सौंपी गई।
16 दिनों तक चले खेलों के बाद आइची-नागोया ने एशिया के खेल महाकुंभ को विदाई दी। अब खेल प्रेमियों की नजरें 2030 के दोहा एशियन गेम्स पर रहेंगी।


