जबलपुर। धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले में फरार चल रहीं निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को चुनौती देते हुए दावा किया है कि जमीन की खरीद-फरोख्त में उनकी कोई भूमिका नहीं थी और न ही उनके बैंक खाते से इस सौदे के संबंध में कोई लेन-देन हुआ है। याचिका में एफआईआर निरस्त करने की मांग की गई है।
जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस राम कुमार चौबे की युगलपीठ के समक्ष याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि संबंधित जमीन मारूफ अहमद हनफी के नाम पर खरीदी गई थी। उनके बैंक खाते में क्षितिज राज पात्रे ने रकम हस्तांतरित की थी। याचिकाकर्ता के अनुसार, उनके बैंक खाते से इस सौदे के सिलसिले में कोई लेन-देन नहीं हुआ। उन्होंने यह भी दावा किया कि जमीन की खरीद-फरोख्त में उनकी भूमिका साबित करने वाला कोई साक्ष्य नहीं है।
याचिका पर बुधवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और शिकायतकर्ता की ओर से पक्ष प्रस्तुत किया जाना है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले में आगे की न्यायिक कार्यवाही होगी।
डिफॉल्ट जमानत के बदले कम कीमत पर जमीन खरीदने का आरोप
मामला कटनी के कुठला थाना क्षेत्र में हत्या के एक प्रकरण से जुड़ा है। आरोप है कि निर्धारित समयसीमा में चालान पेश नहीं होने के कारण हत्या के मामले के आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिल गई थी। इसके बाद कथित तौर पर संबंधित आरोपियों की जमीन कम कीमत पर अपने एजेंट के नाम से खरीदी गई।
इसी मामले में कटनी की निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया सहित तीन आरोपियों के खिलाफ कुठला थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। विभागीय जांच के बाद नेहा पच्चीसिया के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।


