सीएम मोहन यादव की निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा
भोपाल। Madhya Pradesh Investment: मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मुंबई में देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशक समूहों के साथ वन-टू-वन चर्चा की। इस दौरान प्रदेश को करीब 90 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी दी गई। प्रस्तावों में अक्षय ऊर्जा, बैटरी भंडारण, दवा निर्माण, दूरसंचार, डेटा सेंटर, सीमेंट और उपभोक्ता उत्पाद जैसे क्षेत्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियां, पारदर्शी प्रक्रियाएं, बेहतर औद्योगिक अधोसंरचना और कुशल कार्यबल उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराते हैं। राज्य सरकार नए उद्योगों को समयबद्ध अनुमतियां और जरूरी सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
अवादा समूह का 22,156 करोड़ का प्रस्ताव
अवादा समूह ने सौर और पवन ऊर्जा सहित बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के लिए 22,156 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इससे कुल 2,362 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित निवेश में पचोरा के लिए 6,616 करोड़, ईशानगर के लिए 3,250 करोड़ और नीमच के लिए 12,290 करोड़ रुपये शामिल हैं।
जेएसडब्ल्यू समूह ने भी सीमेंट, पेंट और अन्य कारोबार के विस्तार में रुचि दिखाई। समूह की मध्यप्रदेश में ग्वालियर, धार और पन्ना सहित विभिन्न स्थानों पर व्यावसायिक गतिविधियां हैं।
दवा, दूरसंचार और डेटा सेंटर में निवेश
एनक्यूब एथिकल्स ने पीथमपुर में दवा उत्पादन के विस्तार और आंखों की दवाओं की नई इकाई के लिए 1,200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव रखा। हिंदुस्तान यूनिलीवर ने छिंदवाड़ा स्थित इकाई में डिटर्जेंट उत्पादन बढ़ाने के लिए 800 से 1,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बताई। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज ने ग्वालियर के दूरसंचार क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। सिफी टेक्नोलॉजीज ने हाइपरस्केल, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुकूल और एज डेटा सेंटर विकसित करने में रुचि दिखाई।
ई-बस से सीमेंट उद्योग तक प्रस्ताव
एवरसोर्स ने ई-बस, बायोगैस और स्मार्ट मीटर परियोजनाओं के लिए 3,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया। मीरा कॉटन एंड सिंथेटिक मिल्स ने 2,000 करोड़ रुपये के निवेश से करीब 4,000 रोजगार अवसर पैदा करने की संभावना जताई। इंडियन डायमंड सीमेंट ने 3,000 करोड़ रुपये से अधिक और डी एंड एच इंडिया ने इंदौर के निकट 300 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा। हेला इन्फ्रा मार्केट ने भी 200 करोड़ रुपये निवेश की रुचि दिखाई।


