भोपाल। Bhopal No UPI Day: यूपीआई भुगतान पर एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) चार्ज लगाए जाने की आशंका के विरोध में भोपाल के व्यापारियों ने गुरुवार, 8 अक्टूबर को ‘नो यूपीआई डे’ मनाने का ऐलान किया है। चावल-दाल व्यापारी संघ, हनुमानगंज-जुमेराती ने बाजार के व्यापारियों से इस दिन यूपीआई के जरिए भुगतान स्वीकार नहीं करने की अपील की है। व्यापारियों का कहना है कि यूपीआई पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से छोटे और मध्यम कारोबारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
MDR के विरोध में सांकेतिक आंदोलन
भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू ने कहा कि यूपीआई आज व्यापारियों और आम लोगों के लिए भुगतान का आसान, तेज और सुविधाजनक माध्यम बन चुका है। ऐसे में इस पर एमडीआर चार्ज लगाने से छोटे और मध्यम व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है। इसी के विरोध में व्यापारी 8 अक्टूबर को सांकेतिक आंदोलन कर सरकार तक अपनी बात पहुंचाएंगे।
उन्होंने कहा कि ‘नो यूपीआई डे’ का उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से सरकार का ध्यान व्यापारियों की मांग की ओर आकर्षित करना है। इस दौरान बाजार के व्यापारियों से यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं करने और आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई है।
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में व्यापारियों की भूमिका
चावल-दाल व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेश रामरख्यानी और सचिव सचिन संगतानी ने कहा कि व्यापारियों ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में लगातार सहयोग किया है। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने और ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को आगे बढ़ाने में व्यापारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों की मांग है कि सरकार एमडीआर से जुड़े किसी भी प्रस्ताव पर पुनर्विचार करे और छोटे एवं मध्यम कारोबारियों की व्यावहारिक परेशानियों को ध्यान में रखे।
सरकार से फैसले पर पुनर्विचार की मांग
व्यापारी संगठनों ने कहा कि यूपीआई पर शुल्क का असर सीधे व्यापारियों की लागत पर पड़ सकता है। इसलिए सरकार को ऐसा कोई भी फैसला लेने से पहले छोटे और मध्यम व्यापारियों की स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए। संघ ने बाजार के सभी व्यापारियों से 8 अक्टूबर के ‘नो यूपीआई डे’ को सफल बनाने और एकजुट होकर अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने की अपील की है।


