मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में तेजी के बावजूद बिकवाली के दबाव में सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए। छोटे और मझोले शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जबकि आईटी शेयरों में तेजी ने बाजार को कुछ सहारा दिया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
सेंसेक्स 143 अंक गिरा, निफ्टी 22,811 पर बंद
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 143.21 अंक यानी करीब 0.19 प्रतिशत गिरकर 73,709.69 अंक पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 77.60 अंक टूटकर 22,811.35 अंक पर आ गया। शुरुआती बढ़त के बाद बाजार में आई गिरावट से निवेशकों का सतर्क रुख दिखाई दिया।
स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भारी गिरावट
व्यापक बाजार में बिकवाली का सबसे ज्यादा असर छोटे और मझोले शेयरों पर पड़ा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक 2.37 प्रतिशत गिर गया, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 में 1.58 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, ऊंचे मूल्यांकन के बीच निवेशकों की मुनाफावसूली से इन शेयरों पर दबाव बढ़ा। इससे व्यापक बाजार की कमजोरी और गहरा गई।
आईटी शेयरों में तेजी, ऑटो और मेटल क्षेत्र कमजोर
क्षेत्रवार कारोबार में आईटी शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया।
निफ्टी आईटी सूचकांक 2.2 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ। एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इन्फोसिस और टेक महिंद्रा के शेयरों में तीन प्रतिशत से अधिक की तेजी रही।
इसके विपरीत ऑटो, मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और केमिकल क्षेत्र के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। बजाज फाइनेंस, बीएसई लिमिटेड और एटरनल प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।
निफ्टी के लिए 23,000 का स्तर अहम
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,000 का स्तर महत्वपूर्ण बना हुआ है। इस स्तर के ऊपर टिकाऊ बढ़त नहीं मिलने पर बाजार में दबाव बने रहने की आशंका है। वहीं, 22,650 से 22,600 का दायरा महत्वपूर्ण समर्थन स्तर माना जा रहा है। इसके नीचे फिसलने पर निफ्टी 22,300 अंक की ओर बढ़ सकता है।
110 डॉलर के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका गहरा गई है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देश की अर्थव्यवस्था और बाजार की धारणा पर पड़ सकता है। वैश्विक संकेतों, तेल की कीमतों और निवेशकों की मुनाफावसूली के बीच बाजार में फिलहाल सतर्कता बनी हुई है।


