More
    Homeमध्यप्रदेशभोपाल के ‘बम्बू मैन’ धर्मेंद्र रोहर बांस शिल्प से दे रहे पर्यावरण...

    भोपाल के ‘बम्बू मैन’ धर्मेंद्र रोहर बांस शिल्प से दे रहे पर्यावरण अनुकूल दीपावली को बढ़ावा

    Published on

    spot_img

    भोपाल। दीपावली पर घरों को सजाने के लिए प्राकृतिक और पर्यावरण अनुकूल विकल्पों की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित हो रहा है। भोपाल के बांस शिल्प कलाकार धर्मेंद्र रोहर अपनी पारंपरिक कला और रचनात्मकता से इस दिशा में योगदान दे रहे हैं। बांस और अन्य प्राकृतिक सामग्रियों से तोरण, लटकन, लैंप सहित आकर्षक सजावटी वस्तुएं तैयार करने वाले धर्मेंद्र को ‘बम्बू मैन भोपाल’ के नाम से पहचान मिली है। वे पारंपरिक हस्तशिल्प को आधुनिक डिजाइन से जोड़ने के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय कला को प्रोत्साहित करने का संदेश भी दे रहे हैं।

    20 वर्षों से बांस शिल्प को दे रहे नई पहचान

    मूल रूप से नरसिंहपुर जिले के रहने वाले धर्मेंद्र रोहर पिछले 20 वर्षों से भोपाल में बांस शिल्प के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पारिवारिक शिल्प परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने बांस जैसी प्राकृतिक सामग्री से उपयोगी और आकर्षक वस्तुएं तैयार करने में अपनी पहचान बनाई है। उनकी बनाई तोरण, लटकन, लैंप और दूसरी सजावटी वस्तुएं त्योहारों के साथ घरों की सजावट के लिए भी उपयोगी हैं।

    धर्मेंद्र की खासियत पारंपरिक बांस शिल्प को आधुनिक डिजाइन के अनुरूप ढालना है। उनकी कलाकृतियों में प्राकृतिक सामग्री, उपयोगिता और सौंदर्य का मेल दिखाई देता है। दीपावली के लिए तैयार की गई सजावटी वस्तुएं इसका उदाहरण हैं।

    105 प्रकार की कलाकृतियां तैयार

    धर्मेंद्र रोहर अब तक बांस शिल्प की 105 प्रकार की कलाकृतियां अलग-अलग डिजाइन में तैयार कर चुके हैं। वे विभिन्न त्योहारों और अवसरों को ध्यान में रखकर सजावटी वस्तुओं के नए स्वरूप विकसित करते हैं। उनकी कला यह दिखाती है कि सामान्य प्राकृतिक सामग्री को रचनात्मक सोच और मेहनत से सुंदर एवं उपयोगी उत्पादों में बदला जा सकता है।

    95 कार्यशालाओं के जरिए हुनर का प्रसार

    बांस शिल्प को अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए धर्मेंद्र अब तक 95 कार्यशालाएं आयोजित कर चुके हैं। इनमें स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ दिव्यांग बच्चे और महिलाएं भी शामिल हुए हैं। कार्यशालाओं के माध्यम से वे प्रतिभागियों को बांस शिल्प की बारीकियों, प्राकृतिक सामग्री के रचनात्मक उपयोग और सजावटी वस्तुएं बनाने की प्रक्रिया से परिचित कराते हैं।

    उनका प्रयास केवल कलाकृतियां बनाने तक सीमित नहीं है। वे पारंपरिक हुनर को साझा करने, नई पीढ़ी में रचनात्मकता विकसित करने और स्थानीय कला को आगे बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं।

    प्राकृतिक सजावट और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

    धर्मेंद्र रोहर प्राकृतिक सामग्रियों के उपयोग के साथ बची हुई सामग्री का पुनः इस्तेमाल कर सजावटी वस्तुएं तैयार करने पर भी जोर देते हैं। इससे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और पर्यावरण अनुकूल सजावट को बढ़ावा देने का संदेश मिलता है।

     

     

    Latest articles

    यूपी चुनाव से पहले भाजपा का मंथन तेज, नितिन नवीन ने महासचिवों संग बनाई रणनीति

    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले भाजपा ने संगठनात्मक तैयारियों और राजनीतिक गतिविधियों...

    हरदा में पटाखा दुकानों पर कार्रवाई, दो प्रतिष्ठान सील; टिमरनी में 4 लाख के अवैध पटाखे जब्त

    हरदा। पटाखों के सुरक्षित भंडारण और बिक्री में लापरवाही पर हरदा जिला प्रशासन ने...

    दीपावली पर रेलवे की सौगात, दिल्ली-कोच्चुवेली स्पेशल ट्रेन के तीन-तीन फेरे; भोपाल-इटारसी में ठहराव

    भोपाल। दीपावली के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने दिल्ली...

    रिटायर्ड आईएएस रमेश थेटे गिरफ्तार, भोपाल कोर्ट के वारंट पर नागपुर में कार्रवाई

    भोपाल। मप्र कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी रमेश थेटे को भोपाल की अदालत से...

    More like this

    यूपी चुनाव से पहले भाजपा का मंथन तेज, नितिन नवीन ने महासचिवों संग बनाई रणनीति

    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले भाजपा ने संगठनात्मक तैयारियों और राजनीतिक गतिविधियों...

    हरदा में पटाखा दुकानों पर कार्रवाई, दो प्रतिष्ठान सील; टिमरनी में 4 लाख के अवैध पटाखे जब्त

    हरदा। पटाखों के सुरक्षित भंडारण और बिक्री में लापरवाही पर हरदा जिला प्रशासन ने...

    दीपावली पर रेलवे की सौगात, दिल्ली-कोच्चुवेली स्पेशल ट्रेन के तीन-तीन फेरे; भोपाल-इटारसी में ठहराव

    भोपाल। दीपावली के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने दिल्ली...