भोपाल/नई दिल्ली: मध्य प्रदेश की एक राज्यसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में भाजपा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाकर बड़ा दांव खेला है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने बुधवार को उनके नाम का ऐलान किया। यह सीट भाजपा नेता एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। अब 12 नवंबर को होने वाले उपचुनाव में पुरी की उम्मीदवारी पर सबकी नजर रहेगी।
पुरी की उम्मीदवारी इसलिए भी अहम है, क्योंकि उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य के रूप में उनका मौजूदा कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है। भाजपा ने हाल में हुए राज्यसभा चुनावों में उन्हें उत्तर प्रदेश से दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था। ऐसे में मध्य प्रदेश से उनकी उम्मीदवारी संसद के उच्च सदन में उनकी सदस्यता जारी रखने का रास्ता बन सकती है।
मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की यह सीट भाजपा नेता एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। तमिलनाडु के रहने वाले मुरुगन ने राज्यसभा सदस्यता छोड़ दी थी, जिसके बाद उपचुनाव की नौबत आई। भाजपा ने अब इस सीट के लिए केंद्रीय मंत्री पुरी के नाम पर मुहर लगा दी है।
उपचुनाव के लिए प्रदेश भाजपा में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन हुआ था। प्रदेश कोर कमेटी की ओर से नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने की तैयारी थी। अंतिम निर्णय पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने लिया। पुरी के नाम की घोषणा के साथ ही उपचुनाव में भाजपा की ओर से उम्मीदवार को लेकर तस्वीर साफ हो गई है।
12 नवंबर को मतदान, 25 नवंबर को खत्म होगा पुरी का कार्यकाल
राज्यसभा की खाली सीट भरने के लिए 12 नवंबर को मतदान होना है। पुरी का मौजूदा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में उपचुनाव उनके लिए राज्यसभा में बने रहने का अहम मौका है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीट पर नए सदस्य का चयन होगा।
39 साल तक राजनयिक रहे पुरी
हरदीप सिंह पुरी भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व राजनयिक और लेखक हैं। उनका जन्म 15 फरवरी 1952 को दिल्ली में हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से इतिहास की पढ़ाई की और 1974 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी बने। करीब 39 साल के राजनयिक करियर में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व किया। जिनेवा और न्यूयॉर्क में भी उन्होंने अहम जिम्मेदारियां निभाईं।
वर्ष 2014 में भाजपा में शामिल होने के बाद पुरी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वर्ष 2017 में उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनाया गया। वर्तमान में वह केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हैं। अब मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए उनकी उम्मीदवारी ने उन्हें एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।


