नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक देने के साथ जनजीवन प्रभावित कर दिया है। तूफान के दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। इसके असर से विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, काकीनाडा और कोनसीमा जिलों में भारी बारिश हुई। कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए, बिजली की लाइनें टूट गईं और सड़कों पर पानी भरने से यातायात बाधित हो गया। कुछ तटीय बस्तियों में समुद्र का पानी घरों तक पहुंच गया।
तूफान के खतरे को देखते हुए 50 ट्रेनें और विजयवाड़ा तथा विशाखापत्तनम हवाई अड्डों से संचालित 21 उड़ानें रद्द कर दी गईं। निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए साइक्लोन शेल्टर की व्यवस्था की गई है।
काकीनाडा और अमलापुरम में भारी बारिश, पेड़ उखड़े
चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के काकीनाडा और कोनसीमा जिलों में स्थिति प्रभावित हुई है। काकीनाडा में कई जगह पेड़ गिरने और बिजली की लाइनें टूटने की खबर है। सड़कों पर पानी भरने के कारण कुछ इलाकों में आवाजाही बाधित रही। अमलापुरम में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई।
काकीनाडा जिले के बॉम्बे कट्टा इलाके में जलभराव के कारण फंसे चार लोगों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारियों के मुताबिक, चारों लोग ड्यूटी पर पहुंचे थे, लेकिन उनके ठहरने के स्थान के आसपास पानी भर जाने से बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया था। सूचना मिलने पर पुलिस ने बचाव अभियान चलाया।
विशाखापत्तनम में समुद्र की ऊंची लहरों और तेज हवाओं को देखते हुए पुलिस ने लोगों के समुद्र तट के पास जाने पर रोक लगा दी। तटीय क्षेत्रों में प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है।
ओडिशा में भारी बारिश, कई जिलों में स्कूल बंद
चक्रवात का असर ओडिशा के तटीय इलाकों में भी दिखाई दिया। गंजाम जिले के गोपालपुर में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। समुद्र में ऊंची लहरें उठने से तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
खबरों के मुताबिक, ओडिशा के 16 जिलों में स्कूल बंद किए गए हैं और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन ने लोगों से समुद्र तटों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है।
तूफान के प्रभाव से पश्चिम बंगाल के दीघा में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। तमिलनाडु के तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने तूफान के कमजोर पड़ने का अनुमान जताया
आंध्र प्रदेश मौसम विभाग की प्रमुख के. नागरत्ना के मुताबिक, लैंडफॉल की प्रक्रिया के दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रही। विभाग ने अनुमान जताया कि अगले कुछ घंटों में तूफान कमजोर पड़ सकता है और हवा की रफ्तार धीरे-धीरे घट सकती है।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। तूफान के कारण रेल, हवाई और सड़क यातायात के साथ बिजली, पेयजल आपूर्ति तथा संचार सेवाएं भी प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट
चक्रवात से जुड़े मौसम तंत्र के प्रभाव के चलते देश के कई राज्यों में बारिश की संभावना है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और तेलंगाना समेत कई राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है।
29 अक्टूबर: पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में बारिश का ऑरेंज अलर्ट बताया गया है। पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों और दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में यलो अलर्ट है।
30 अक्टूबर: पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी रहने का पूर्वानुमान है। मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, आंध्र प्रदेश और अन्य क्षेत्रों में बारिश का यलो अलर्ट है।


