ट्रंप बोले- समझौता करना चाहता है भारत
व्हाइट हाउस में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से भारत के साथ व्यापार समझौते की संभावनाओं के बारे में सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा, “वे समझौता करना चाहते हैं। हम समझौता करेंगे। हां, हम इसके काफी करीब हैं।”
ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ होने वाला समझौता अब तक किए गए अन्य व्यापार समझौतों से बिल्कुल अलग तरह का होगा। हालांकि, उन्होंने समझौते की शर्तों, संभावित समयसीमा और व्यापारिक रियायतों को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
उनके बयान से संकेत मिला है कि दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है। अब समझौते की वास्तविक स्थिति और अंतिम शर्तों पर सबकी नजरें टिकी हैं।
रूबियो और जयशंकर के बीच व्यापार पर चर्चा
भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। मंगलवार को मुंबई में उनकी मुलाकात भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से हुई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और प्रस्तावित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को जल्द पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में व्यापार के अलावा रक्षा, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्रों पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने व्यापार वार्ता में हुई प्रगति का स्वागत किया और समझौते को शीघ्र पूरा करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।
यह बैठक मुंबई में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की ओर से आयोजित ‘यूएस फ्रीडम 250 रिसेप्शन’ के दौरान हुई।
रूबियो ने भारत को बताया अहम रणनीतिक साझेदार
मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में रूबियो ने भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक तालमेल को असाधारण बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास साझेदारी के माध्यम से 21वीं सदी की दिशा तय करने का अवसर है।
रूबियो ने स्वीकार किया कि दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रीय हितों से जुड़े प्रमुख विषयों पर उनका तालमेल मजबूत है। उन्होंने भारत के साथ नियमित कूटनीतिक बातचीत बढ़ाने की जरूरत भी बताई और भारत को अमेरिका के महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक साझेदारों में शामिल किया।
ऊर्जा सहयोग पर भी रहेगा जोर
रूबियो 20 और 21 अक्टूबर को भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के निमंत्रण पर आए रूबियो की यह दूसरी भारत यात्रा है। इससे पहले वह मई में नई दिल्ली आए थे। यात्रा के अगले चरण में उनके गुजरात के जामनगर जाने का कार्यक्रम है, जहां ऊर्जा सहयोग सहित अन्य विषयों पर चर्चा होनी है।
भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर आए सकारात्मक संकेतों के बावजूद इसकी अंतिम शर्तों और समयसीमा की औपचारिक घोषणा का इंतजार है। यदि समझौता तय होता है, तो दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को विस्तार देने और रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।


