नई दिल्ली। Delhi SIR: दिल्ली में चल रही मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया यानी SIR (Special Intensive Revision) के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई प्रमुख नेताओं के नाम भी विसंगतियों वाली सूची में सामने आए हैं। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, कुल 33.13 लाख मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म में ऐसी विसंगतियां मिली हैं, जिनके आधार पर नोटिस जारी किए जा रहे हैं। शनिवार तक 31.63 लाख नोटिस जारी किए जा चुके थे।
रेखा गुप्ता को उनके रिकॉर्ड में उम्र संबंधी विसंगति के कारण नोटिस मिला था। उनके और उनके माता-पिता की उम्र के बीच दर्ज अंतर 15 वर्ष से कम दिखाई दे रहा था। दस्तावेजों और भौतिक सत्यापन के बाद उनकी एंट्री को वैध कर दिया गया है और इसे शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। अंतिम सूची 4 नवंबर को प्रकाशित होनी है।
केजरीवाल और परिवार को ‘नो मैपिंग’ पर नोटिस
पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों को पिछली SIR की मतदाता सूची से रिकॉर्ड लिंक नहीं होने के कारण नोटिस जारी किया गया है। केजरीवाल नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं।
उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, माता-पिता और बेटे को भी इसी श्रेणी में नोटिस मिला है। नई दिल्ली के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के अनुसार, उनके द्वारा जमा किए गए एन्यूमरेशन फॉर्म में पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण सूची से लिंक करने के लिए जरूरी विवरण पर्याप्त नहीं थे।
चुनाव कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसे नोटिस उन मतदाताओं को दिए जा रहे हैं, जिनके रिकॉर्ड पिछली SIR की मतदाता सूची से लिंक नहीं हो सके या लिंकिंग प्रक्रिया में तार्किक विसंगतियां मिलीं। इसका मतलब अपने आप में मतदाता का नाम हटाया जाना नहीं है; संबंधित मतदाता को जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया जा रहा है।
कपिल सिब्बल और वीरेंद्र सचदेवा को भी नोटिस
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल और दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का नाम भी नोटिस पाने वालों में शामिल है। सिब्बल को पिछली SIR के रिकॉर्ड से विवरण लिंक नहीं होने के कारण नोटिस मिला है।
वीरेंद्र सचदेवा के मामले में नाम से जुड़ी विसंगति बताई गई है। उनकी पत्नी और भाई को भी नोटिस जारी किया गया है।
33.13 लाख मतदाताओं के फॉर्म में विसंगतियां
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल 33.13 लाख मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म में विसंगतियां चिह्नित की गई हैं। इनमें से 31.63 लाख मतदाताओं को शनिवार तक नोटिस भेजे जा चुके थे।
अधिकारियों के अनुसार, ज्यादातर मामले पिछली SIR, जो वर्ष 2002 में हुई थी, के रिकॉर्ड से लिंक नहीं होने से जुड़े हैं। संबंधित मतदाताओं को अपने जवाब और आवश्यक दस्तावेज संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के समक्ष जमा करने होंगे। नोटिसों का निपटारा 29 अक्टूबर तक किया जाना है।
AAP ने उठाए सवाल
केजरीवाल और उनके परिवार को नोटिस मिलने के बाद आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग धांडा ने कहा कि तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के वोटों को लेकर इस तरह की प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं।
वहीं चुनाव कार्यालय का कहना है कि नोटिस व्यापक SIR प्रक्रिया का हिस्सा हैं और ये उन मतदाताओं को जारी किए जा रहे हैं जिनके रिकॉर्ड में निर्धारित मानकों के अनुसार विसंगतियां या पिछली सूची से लिंक न होने की स्थिति सामने आई है।
4 नवंबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
दिल्ली में SIR के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 अगस्त को प्रकाशित की गई थी। अब नोटिस पाने वाले मतदाताओं के जवाब और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।


