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    G7 Summit 2026: 16 महीने बाद आमने-सामने आए मोदी और ट्रम्प, ट्रेड डील पर आज हो सकती है अहम बातचीत

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    एवियन/नई दिल्ली। फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की 16 महीने बाद मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने सम्मेलन के दौरान करीब पांच मिनट तक बातचीत की और आउटरीच सत्र में एक-दूसरे के साथ बैठे नजर आए। इस मुलाकात को भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प की आखिरी मुलाकात फरवरी 2025 में वॉशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस में हुई थी। इसके बाद पहली बार दोनों नेता किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर आमने-सामने आए हैं।

    ट्रेड डील पर आज हो सकती है निर्णायक चर्चा

    व्हाइट हाउस के अनुसार, 17 जून को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच द्विपक्षीय बैठक की संभावना है। इस दौरान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (Trade Deal), टैरिफ, निवेश, तकनीकी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देने के लिए यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    मैक्रों ने किया मोदी का स्वागत, वैश्विक नेताओं से हुई मुलाकात

    G7 समिट में हिस्सा लेने के लिए एवियन पहुंचने पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। सम्मेलन के दौरान समूह फोटो सत्र में भी मोदी अन्य वैश्विक नेताओं के साथ नजर आए।

    इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी सहित कई नेताओं से अनौपचारिक बातचीत की।

    G7 मंच पर भारत की लगातार मजबूत मौजूदगी

    भारत इस बार G7 सम्मेलन में आमंत्रित साझेदार देश (Partner Country) के रूप में शामिल हुआ है। यह G7 शिखर सम्मेलन में भारत की 13वीं भागीदारी है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सातवीं बार इस वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

    G7 Summit 2026 में कौन-कौन से देश शामिल

    G7 समूह के सात सदस्य देशों—अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, जापान, इटली और कनाडा—के राष्ट्राध्यक्ष सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भी मौजूद हैं।

    फ्रांस ने भारत समेत कई प्रमुख देशों को विशेष आमंत्रण दिया है। इनमें मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यंग और केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो शामिल हैं।

    क्या है G7 और क्यों है यह इतना महत्वपूर्ण?

    G7 यानी “ग्रुप ऑफ सेवन” दुनिया की सात प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। इसकी स्थापना वर्ष 1975 में G6 के रूप में हुई थी। 1976 में कनाडा के शामिल होने के बाद यह G7 बन गया। वर्ष 1998 में रूस को शामिल कर इसे G8 कहा गया, लेकिन 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया क्षेत्र पर कब्जे के बाद रूस को समूह से बाहर कर दिया गया। तब से यह फिर G7 के नाम से कार्य कर रहा है।

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