भोपाल। मध्यप्रदेश के करीब 12 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को दीपावली से पहले महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में पांच प्रतिशत बढ़ोतरी की सौगात मिल सकती है। इस संबंध में राज्य सरकार जल्द फैसला ले सकती है। कर्मचारियों को जनवरी 2026 से लंबित दो प्रतिशत और जुलाई 2026 से देय तीन प्रतिशत बढ़ोतरी का इंतजार है। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता तीन प्रतिशत बढ़ाकर 63 प्रतिशत किए जाने के बाद मध्यप्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए-डीआर केंद्र की तुलना में पांच प्रतिशत अंक पीछे हो गया है। फिलहाल प्रदेश में सातवें वेतनमान के तहत कर्मचारियों को 58 प्रतिशत डीए और पेंशनर्स को 58 प्रतिशत डीआर मिल रही है।
पांच प्रतिशत बढ़ोतरी से 1,202 करोड़ का अतिरिक्त भार
यदि राज्य सरकार दोनों लंबित किस्तों को मंजूरी देती है, तो कर्मचारियों और पेंशनर्स को कुल पांच प्रतिशत बढ़ोतरी का लाभ मिल सकता है। कर्मचारी संगठनों के आकलन के मुताबिक, इससे सरकारी खजाने पर करीब 1,202 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
आकलन के अनुसार, जनवरी से जुलाई 2026 तक दो प्रतिशत डीए और डीआर के भुगतान पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, जुलाई से अक्टूबर 2026 तक पांच प्रतिशत की दर से भुगतान का अतिरिक्त खर्च लगभग 752 करोड़ रुपये अनुमानित है। इस तरह कुल वित्तीय भार 1,202 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
बढ़ोतरी लागू होने पर कर्मचारियों के वेतन में उनकी मूल वेतन राशि के अनुसार इजाफा होगा। प्रथम श्रेणी के कुछ अधिकारियों को हर महीने 7,500 रुपये या इससे अधिक का लाभ मिलने का अनुमान है। वास्तविक लाभ मूल वेतन और लागू भुगतान व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
केंद्र और मध्यप्रदेश के डीए में पांच प्रतिशत अंक का अंतर
केंद्र सरकार ने एक जुलाई 2026 से केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इसके बाद केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 63 प्रतिशत हो गया है। दूसरी ओर, मध्यप्रदेश में कर्मचारियों को अभी 58 प्रतिशत डीए मिल रहा है।
इसी अंतर को आधार बनाकर कर्मचारी संगठन राज्य सरकार से लंबित किस्तों का भुगतान जल्द करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि केंद्र के मुकाबले डीए कम मिलने से कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
4 नवंबर को सतपुड़ा भवन के सामने प्रदर्शन
डीए और डीआर में बढ़ोतरी की मांग को लेकर कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन तेज करने की तैयारी की है। मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने 22 अक्टूबर को गवर्नमेंट प्रेस के पास प्रदर्शन किया था। इस दौरान करीब 12 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ते का लाभ देने की मांग उठाई गई थी।
अब लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ और अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने चार नवंबर को सतपुड़ा भवन के सामने ध्यानाकर्षण प्रदर्शन करने का फैसला किया है। संगठन चाहते हैं कि सरकार जनवरी और जुलाई 2026 की लंबित किस्तों पर जल्द निर्णय लेकर कर्मचारियों को राहत दे।


