भोपाल। मध्यप्रदेश में पुलिस अधिकारियों की पदोन्नति से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। विभागीय जांच, आपराधिक प्रकरणों और दंड प्रभावशील होने के कारण जुलाई 2026 में इंस्पेक्टर से डीएसपी पद पर पदोन्नत किए गए 15 पुलिस अधिकारियों की पदोन्नति निरस्त कर दी गई है। गृह विभाग ने इस संबंध में 16 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी किए थे, जो अब सामने आए हैं। पदोन्नति निरस्त होने के बाद इन अधिकारियों को दोबारा निरीक्षक पद पर पदस्थ किया गया है।
गृह विभाग के आदेश के अनुसार, विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा के आधार पर पहले जारी पदोन्नति आदेश की समीक्षा की गई। समीक्षा में संबंधित अधिकारियों को पदोन्नति के लिए अपात्र पाया गया। इसके बाद उनकी पदोन्नति निरस्त करने का निर्णय लिया गया।
पदोन्नति निरस्त किए गए 15 अधिकारियों में निरीक्षक संवर्ग के 12 अधिकारी शामिल हैं। इनके अलावा विशेष शाखा के एक निरीक्षक, विशेष सशस्त्र बल (विसबल) के एक निरीक्षक और एक आरक्षित निरीक्षक की पदोन्नति भी निरस्त की गई है।
पहले 78 पुलिस अधिकारियों की पदोन्नति भी हुई थी निरस्त
इससे पहले पुलिस मुख्यालय, भोपाल ने एक सितंबर 2026 को आदेश जारी कर जुलाई में पदोन्नत किए गए 78 उप निरीक्षकों और कार्यवाहक निरीक्षकों की पदोन्नति निरस्त कर दी थी। निरीक्षक पद पर पदोन्नति के बाद सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के आदेशों के आधार पर इन अधिकारियों को पदोन्नति के लिए अपात्र पाया गया था। विभागीय जांच और आपराधिक प्रकरणों सहित अन्य निर्धारित कारणों के चलते उनकी पदोन्नति वापस ली गई थी।
अब 15 डीएसपी की पदोन्नति निरस्त होने से पुलिस विभाग में पदोन्नति प्रक्रिया के दौरान पात्रता और विभागीय रिकॉर्ड की जांच का मुद्दा फिर सामने आया है।
इन 15 अधिकारियों की पदोन्नति निरस्त
निरीक्षक संवर्ग के 12 अधिकारी
- महेंद्र सिंह भदौरिया
- विपिन बिहारी सिंह
- योगेन्द्र सिंह जादौन
- महेंद्र सिंह परमार
- शैलेश कुमार मिश्रा
- भरत सिंह ठाकुर
- मनीष मिश्रा
- विनय आर्य
- सोमलता मालिक
- सुरेश चन्द्र नागर
- दीपक सेजवार
- संतोष कुमार पंद्रे
अन्य संवर्ग के अधिकारी
- कल्पना रघुवंशी – निरीक्षक, विशेष शाखा
- देवेंद्र दुबे – निरीक्षक, विशेष सशस्त्र बल (विसबल)
- अर्जुन सिंह पंवार – आरक्षित निरीक्षक


